आस्था और संस्कृति

ग्रहों का महासंयोग: 23 मार्च से शनि-राहु-केतु बदलेंगे चाल, इन 5 राशियों का शुरू होगा ‘स्वर्णिम काल’

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नई दिल्ली | 16 मार्च, 2026

वैदिक ज्योतिष में ग्रहों के गोचर और नक्षत्र परिवर्तन का गहरा महत्व होता है। 23 मार्च, 2026 से ब्रह्मांड में एक ऐसी स्थिति बन रही है जहां शनि, राहु और केतु तीनों ही अपने अनुकूल या ‘स्वनक्षत्रों’ के प्रभाव में होंगे। ज्योतिषियों के अनुसार, ग्रहों की यह जुगलबंदी विशेष रूप से पांच राशियों के लिए धन, करियर और मान-सम्मान में अपार वृद्धि लेकर आ रही है।

क्या है यह दुर्लभ संयोग?

  • शनि देव: कर्मफल दाता शनि इस समय अपनी स्वराशि और शक्तिशाली नक्षत्र स्थिति में हैं, जो स्थायित्व और सफलता प्रदान करेंगे।

  • राहु और केतु: छाया ग्रह राहु और केतु का नक्षत्र परिवर्तन आकस्मिक धन लाभ और विदेश यात्रा के योग बना रहा है।

  • प्रभाव: 23 मार्च से शुरू होने वाला यह समय अगले कुछ महीनों तक इन राशियों के लिए ‘गोल्डन पीरियड’ की तरह रहेगा।

इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत

1. मेष राशि (Aries): करियर में बड़ी छलांग लगाने का समय है। जो लोग लंबे समय से प्रमोशन या नई नौकरी का इंतजार कर रहे थे, उन्हें 23 मार्च के बाद शुभ समाचार मिल सकता है। पैतृक संपत्ति से भी लाभ के योग हैं।

2. कर्क राशि (Cancer): मानसिक तनाव दूर होगा और अटके हुए सरकारी काम पूरे होंगे। राहु-केतु का प्रभाव आपके साहस में वृद्धि करेगा, जिससे आप कार्यक्षेत्र में विरोधियों पर भारी पड़ेंगे। आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

3. सिंह राशि (Leo): व्यापारियों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं है। नए निवेश से भारी मुनाफा होने की संभावना है। समाज में आपका पद और प्रतिष्ठा बढ़ेगी। संतान पक्ष से भी कोई अच्छी खबर मिल सकती है।

4. धनु राशि (Sagittarius): धनु राशि वालों के लिए ‘स्वर्णिम काल’ की शुरुआत होगी। शनि की कृपा से पुराने कर्ज से मुक्ति मिलेगी। अगर आप विदेश जाने की योजना बना रहे हैं, तो 23 मार्च के बाद आपके प्रयास सफल होंगे।

5. मकर राशि (Capricorn): चूंकि शनि आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए इस नक्षत्र परिवर्तन का सबसे सकारात्मक असर आप पर पड़ेगा। आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी और जो प्रोजेक्ट्स ठंडे बस्ते में थे, वे अब गति पकड़ेंगे। नया घर या वाहन खरीदने के योग प्रबल हैं।

सावधानी और उपाय

ज्योतिषियों का सुझाव है कि इस शुभ समय का पूरा लाभ उठाने के लिए:

  • शनिवार के दिन शनि चालीसा का पाठ करें।

  • पक्षियों को दाना डालें और जरूरतमंदों की मदद करें।

  • राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें।


रामायण में श्रीराम ने कई ऐसे सूत्र बताए हैं, जिन्हें अपनाने पर हमारे जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और विपरीत समय भी हम अशांत नहीं होते हैं। जानिए रामायण की 3 बातें जो हमारा तनाव दूर कर सकती हैं…

धैर्य और सकारात्मकता के गुण अपनाएं अयोध्या में श्रीराम के राज्याभिषेक की तैयारियां चल रही थीं। जिस दिन राज्याभिषेक होना था, उससे ठीक पहले वाली रात में कैकयी ने दशरथ से दो वर मांग लिए। पहला, भरत को राज और दूसरा, राम को 14 वर्ष का वनवास। बहुत समझाने के बाद भी कैकयी अपनी बात पर टिकी रहीं। अगले दिन राम को वनवास जाना पड़ा, लेकिन इस बात से भी श्रीराम ने अपना धैर्य नहीं खोया। माता की इच्छा पूरी करने के लिए सकारात्मक सोच के साथ वे वनवास जाने के लिए तैयार हो गए। मुश्किल परिस्थितियों को भी धैर्य और सकारात्मकता के साथ अपनाएंगे तो जीवन में कभी भी तनाव नहीं आएगा।

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