मेघालय में हनुमान मंदिर में तोड़फोड़ और चोरी, CCTV कैमरे क्षतिग्रस्त
10 मई 2026 | शिलांग, मेघालय
Hanuman Temple Garikhana में शनिवार देर रात अज्ञात बदमाशों द्वारा तोड़फोड़ और चोरी की घटना सामने आई है। घटना के बाद इलाके में तनाव और नाराजगी का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार यह घटना 10 मई 2026 की रात करीब 1 बजे शिलांग के गरिखाना इलाके स्थित हनुमान मंदिर में हुई। आरोपियों ने मंदिर परिसर में घुसकर मूर्तियां, चांदी के गहने, पूजा सामग्री और दानपात्र में रखी नकदी चोरी कर ली।
मंदिर में घुसकर की तोड़फोड़
एफआईआर के अनुसार बदमाश मंदिर के साइड एंट्रेंस को तोड़कर अंदर घुसे। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में तोड़फोड़ की और कई धार्मिक वस्तुओं को नुकसान पहुंचाया।
मंदिर के अंदर रखे पीतल के बर्तन, दीपक, पूजा की थालियां और जल पात्र भी चोरी कर लिए गए। घटना के बाद मंदिर परिसर अस्त-व्यस्त स्थिति में मिला।
कई मूर्तियां चोरी होने की सूचना
पुलिस के अनुसार चोर भगवान कृष्ण, राधा जी और भगवान हनुमान की छोटी प्रतिमाएं अपने साथ ले गए। हालांकि गर्भगृह में स्थापित मुख्य मूर्ति को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाया गया।
CCTV कैमरे तोड़े, आग लगाने की कोशिश
घटना के दौरान आरोपियों ने सबूत मिटाने के उद्देश्य से मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरों को भी नुकसान पहुंचाया। कुछ कैमरों में आग लगाने की कोशिश किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
हालांकि मंदिर के कैमरे क्षतिग्रस्त कर दिए गए थे, लेकिन आसपास के घरों में लगे CCTV कैमरों में कुछ संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। पुलिस ने फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस जांच में जुटी
मामले की जांच Lumdiengjri Police Station द्वारा की जा रही है। पुलिस ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और संदिग्धों की तलाश जारी है।
अधिकारियों के अनुसार घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
घटना के बाद गरिखाना और झालूपारा इलाके के लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय निवासियों ने धार्मिक स्थल की सुरक्षा व्यवस्था और रात के समय पुलिस गश्त को लेकर सवाल उठाए हैं।
लोगों का कहना है कि मंदिर जैसे संवेदनशील धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
यह घटना धार्मिक स्थल पर हमला, चोरी और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा संवेदनशील मामला बन गई है, जिस पर पुलिस और प्रशासन की नजर बनी हुई है।



