ब्रूक का ऐतिहासिक शतक, इंग्लैंड लगातार 5वीं बार सेमीफाइनल में; बाबर का स्ट्राइक रेट चर्चा में
25 फरवरी 2026
टी-20 वर्ल्ड कप में मंगलवार रात खेले गए रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम को 2 विकेट से हराकर टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बना ली। इस जीत के साथ इंग्लैंड लगातार पांचवीं बार नॉकआउट चरण में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई, जो टूर्नामेंट इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
मैच के हीरो कप्तान हैरी ब्रूक रहे, जिन्होंने शानदार शतक जड़ते हुए इतिहास रच दिया। वे टी-20 वर्ल्ड कप में बतौर कप्तान शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए। दबाव भरे लक्ष्य का पीछा करते हुए ब्रूक ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। उनकी पारी में तेज रन गति के साथ निर्णायक शॉट्स शामिल रहे, जिससे इंग्लैंड अंत तक मुकाबले में बना रहा और आखिरी ओवरों में जीत हासिल कर सका।
दूसरी ओर, पाकिस्तान के कप्तान बाबर आज़म का प्रदर्शन चर्चा का विषय बना हुआ है। टूर्नामेंट में उनका स्ट्राइक रेट काफी कम रहा, जिसके कारण टीम की बल्लेबाजी गति प्रभावित हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि टी-20 जैसे फॉर्मेट में धीमी रन गति टीम पर दबाव बढ़ा देती है, खासकर तब जब विपक्षी टीम तेज स्कोरिंग कर रही हो।
मुकाबले में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया था, लेकिन इंग्लैंड की मजबूत बल्लेबाजी लाइन-अप और ब्रूक की कप्तानी पारी ने मैच का रुख पलट दिया। गेंदबाजों ने भी अंतिम ओवरों में संयम दिखाया और पाकिस्तान को निर्णायक बढ़त लेने से रोका।
क्रिकेट विश्लेषकों के अनुसार, इंग्लैंड की लगातार सेमीफाइनल एंट्री उनकी संतुलित टीम, गहराई वाले बल्लेबाजी क्रम और डेथ ओवर रणनीति का परिणाम है। वहीं पाकिस्तान के लिए आगे की राह अब अन्य मैचों के नतीजों और नेट रन रेट पर निर्भर हो सकती है।
यह मुकाबला टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक मैचों में गिना जा रहा है, जिसमें आखिरी गेंद तक परिणाम अनिश्चित रहा और दर्शकों को हाई-वोल्टेज क्रिकेट का अनुभव मिला।
पाकिस्तान की धमाकेदार जीत, 102 रन से नामीबिया को हराकर सुपर-8 में बनाई जगह
18 फरवरी 2026
टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नामीबिया को 102 रन से हराकर सुपर-8 चरण में प्रवेश कर लिया है। इस जीत के साथ पाकिस्तान टूर्नामेंट के टॉप-8 में पहुंचने वाली आठवीं टीम बन गई। मुकाबला सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब, कोलंबो में खेला गया, जहां पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और निर्धारित 20 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 199 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
पाकिस्तान की पारी के हीरो रहे ओपनर साहिबजादा फरहान, जिन्होंने 58 गेंदों पर नाबाद 100 रन की शानदार शतकीय पारी खेली और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उन्होंने सिर्फ 57 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। कप्तान सलमान अली आगा ने 38 रन का योगदान दिया, जबकि शादाब खान 36 रन बनाकर नाबाद लौटे। नामीबिया की ओर से जैक ब्रेसल ने 2 विकेट लिए, जबकि जेरार्ड इरास्मस को एक सफलता मिली।
200 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नामीबिया की टीम दबाव में बिखर गई और 17.3 ओवर में 97 रन पर ऑलआउट हो गई। ओपनर लॉरेन स्टीनकैंप ने 23 और एलेक्जेंडर वॉल्सचेंक ने 20 रन बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके। पाकिस्तान के लिए गेंदबाजी में उस्मान तारिक ने 4 विकेट लेकर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया, जबकि शादाब खान ने 2 विकेट झटके।
विश्लेषकों के अनुसार, पाकिस्तान की जीत का सबसे बड़ा कारण उसका संतुलित प्रदर्शन रहा—जहां बल्लेबाजी में फरहान का शतक निर्णायक साबित हुआ, वहीं गेंदबाजों ने विपक्षी टीम को संभलने का कोई मौका नहीं दिया। इस जीत ने पाकिस्तान का आत्मविश्वास बढ़ाया है और टीम अब सुपर-8 में मजबूत दावेदार के रूप में उतरने को तैयार है।
क्या पाकिस्तान करेगा भारत के खिलाफ वर्ल्ड कप मैच का बहिष्कार? खेल जगत में मचा हड़कंप
नई दिल्ली/इस्लामाबाद | 26 जनवरी 2026
मुख्य बिंदु:
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पाकिस्तान टी-ट्वेंटी वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ ग्रुप मुकाबले के बहिष्कार (Boycott) पर विचार कर रहा है।
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दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव और सुरक्षा कारणों को इस संभावित फैसले की वजह बताया जा रहा है।
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ICC (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) पर इस फैसले का भारी दबाव पड़ सकता है।
विस्तृत समाचार: आगामी टी-ट्वेंटी वर्ल्ड कप से पहले क्रिकेट गलियारों से एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) भारत के खिलाफ होने वाले हाई-वोल्टेज ग्रुप मुकाबले से हटने की योजना बना रहा है।
बहिष्कार की वजह: खबरों के मुताबिक, पाकिस्तान यह कदम दोनों देशों के बीच मौजूदा कूटनीतिक तनाव और वेन्यू को लेकर चल रही खींचतान के चलते उठा सकता है। पाकिस्तान का कहना है कि यदि भारतीय टीम उनके अनुकूल परिस्थितियों या न्यूट्रल वेन्यू के मुद्दों पर सहमत नहीं होती है, तो वे विरोध स्वरूप इस मैच का बहिष्कार कर सकते हैं।
ICC की बढ़ी मुश्किलें: भारत और पाकिस्तान का मैच किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला मुकाबला होता है। यदि पाकिस्तान इस मैच का बायकॉट करता है, तो आईसीसी को न केवल करोड़ों का वित्तीय नुकसान होगा, बल्कि टूर्नामेंट की साख पर भी असर पड़ेगा।
अतीत का संदर्भ: बता दें कि भारत ने लंबे समय से पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली है और दोनों टीमें केवल आईसीसी या एशियाई टूर्नामेंट्स में ही आमने-सामने होती हैं। पाकिस्तान के इस कड़े रुख ने क्रिकेट प्रेमियों के बीच निराशा और बहस का माहौल बना दिया है।
भारतीय खेमे की प्रतिक्रिया: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन बीसीसीआई हमेशा से कहता रहा है कि वह पाकिस्तान के साथ खेलने के मामले में भारत सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करेगा।
IND vs AUS: टीम इंडिया की हार में ये है सबसे बड़े विलेन, अपने घटिया खेल से कर दिया बेड़ा गर्क
India vs Australia: रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम इंडिया को एक और दफा शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है। सीरीज में अब तक चार मैच हो चुके हैं और एक ही मैच टीम इंडिया जीत सकी है। वो भी रोहित शर्मा की गैरहाजिरी में जसप्रीत बुमराह की कप्तानी में मिली थी। यानी रोहित शर्मा के हाथ पूरी तरह से खाली हैं। अब भारतीय टीम उस मुकाम पर खड़ी है, जहां से सीरीज भी हाथ से जाने का खतरा है। इस बीच टीम इंडिया के दो प्लेयर्स खास तौर पर निशाने पर हैं, जिनके घटिया खेल के कारण भारत को ये दिन देखना पड़ा है।
ऋषभ पंत ने फिर खेल वही लापरवाही भरा शॉट
टीम इंडिया के सामने आखिरी दिन जीत के लिए 340 रनों का एक बड़ा टारगेट था। कप्तान रोहित शर्मा एक बार फिर हमेशा की तरह से सस्ते में आउट होकर चले गए। विराट कोहली का भी बल्ला नहीं चला। केएल राहुल फ्लॉप रहे। इसके बाद क्रीज पर थे यशस्वी जायसवाल और ऋषभ पंत। इन दोनों ने मिलकर 197 बॉल पर 88 रनों की साझेदारी की। उस वक्त तक ये तय हो चुका था कि टीम इंडिया इस मैच को जीतने की ओर नहीं जा रही है। अब मैच ड्रॉ हो सकता है। लेकिन ऋषभ पंत अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। उन्होंने एक बार फिर से वही आड़ा तिरछा शॉट खेला, जिसको लेकर उनकी खूब आलोचना होती है।
ड्रॉ की ओर जाता हुआ मैच पंत के आउट होने के बाद पलट गया
जब पूरी दुनिया को पता था कि मैच अब भारत जीत नहीं सकता, इसलिए इसे ड्रॉ कराने में ही भलाई है तो फिर इस तरह खेलने का क्या ही मतलब है। जब तब ऋषभ पंत और जायसवाल के बीच साझेदारी चल रही थी, तब तक टीम इंडिया सुरक्षित नजर आ रही थी, वहीं विरोधी टीम इस फिराक में थी कि किसी भी तरह से एक विकेट मिल जाए तो मैच में जीत के लिए आगे बढ़ा जाए। यही मौका ऋषभ पंत ने दे दिया। उनके आउट होने का असर ये हुआ कि यशस्वी जायसवाल भी आउट होकर वापस चले गए और बाकी कोई भी बल्लेबाज टिक ही नहीं पाया। इस तरह से देखें तो ऋषभ पंत की वजह से करीब करीब ड्रॉ हुआ मैच टीम इंडिया के हाथ से चला गया। ऋषभ पंत ने 104 बॉल पर 30 रनों की पारी खेली।
यशस्वी जायसवाल ने एक बार फिर की बहुत ही घटिया फील्डिंग
इसके बाद अगर दूसरे जिम्मेदार की बात की जाए तो वे यशस्वी जायसवाल ही हैं। वैसे तो उन्होंने 84 रनों की पारी खेली, लेकिन जब पंत आउट होकर चले गए थे, तब सारी जिम्मेदारी जायसवाल की थी, लेकिन उन्होंने दिखाया कि वे अभी तक पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाए हैं। इतना ही नहीं, ऑस्ट्रेलिया की टीम जब दूसरी पारी में 91 रन पर छह विकेट गवां चुकी थी, तब लग रहा था कि जल्द ही पूरी टीम आउट हो जाएगी और टीम इंडिया के पास अच्छा चांस बनेगा, लेकिन उसी वक्त यशस्वी जायसवाल ने दो बड़े आसान से कैच टपका दिए। इससे ऑस्ट्रेलिया ने बड़ा स्कोर बना दिया। कम से कम 100 रन ऑस्ट्रेलिया ने ज्यादा बना दिए, जो आखिरी में भारत के लिए भारी पड़े।




