14 साल के वैभव सूर्यवंशी का ऐतिहासिक कारनामा, अंडर-19 वनडे में भारत के सबसे बड़े रन-स्कोरर बने
07 फरवरी 2026
भारतीय क्रिकेट को एक नया सितारा मिल गया है। महज 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में ऐसी ऐतिहासिक पारी खेली, जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। हरारे क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए खिताबी मुकाबले में वैभव ने 175 रनों की विस्फोटक पारी खेलते हुए कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए।
अपनी इस यादगार पारी में वैभव सूर्यवंशी ने 15 चौके और 15 छक्के लगाए। यानी उन्होंने अपने कुल 175 में से 150 रन केवल बाउंड्री से ही बना डाले, जो अपने आप में एक अनोखा रिकॉर्ड है। उनकी तूफानी बल्लेबाज़ी की बदौलत भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में 411 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में सबसे बड़े स्कोरों में से एक है।
411 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम भारतीय गेंदबाज़ों के दबाव में आ गई और 40.2 ओवर में 311 रन पर सिमट गई। इस तरह भारत ने मुकाबला 100 रन से जीतकर छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया। वैभव की पारी को फाइनल की सबसे निर्णायक पारी माना जा रहा है।
इस प्रदर्शन के साथ वैभव सूर्यवंशी यूथ वनडे (अंडर-19 स्तर) में भारत के लिए सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज़ बन गए हैं। इतना ही नहीं, पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने कुल 30 छक्के लगाए, जो किसी भी बल्लेबाज़ द्वारा लगाए गए सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम उम्र में इस तरह का आत्मविश्वास और आक्रामक बल्लेबाज़ी शैली वैभव को भारतीय क्रिकेट का भविष्य का सुपरस्टार बना सकती है। अंडर-19 वर्ल्ड कप में उनका यह प्रदर्शन आने वाले वर्षों में भारतीय सीनियर टीम की उम्मीदों को भी नई उड़ान देता नज़र आ रहा है।
दक्षिण अफ्रीका के खेल मंत्री गेटन मैकेंजी ने पाकिस्तान में होने वाली आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में अफगानिस्तान के बहिष्कार का समर्थन किया है। यह विवाद अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद महिलाओं के अधिकारों में हो रहे उल्लंघन के कारण उठ रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे पर बहिष्कार की मांग बढ़ रही है।
स्पोर्ट्स डेस्क, इंदौर। Champions Trophy 2025: दक्षिण अफ्रीका के खेल मंत्री गेटन मैकेंजी ने पाकिस्तान में होने वाली आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में अफगानिस्तान के बहिष्कार का समर्थन किया है। इस मामले ने इंटरनेशनल क्रिकेट जगत में नए विवाद को जन्म दिया है।
दरअसर, यह विवाद अगस्त 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद शुरू हुआ था। तालिबान की सरकार ने महिलाओं के बुनियादी अधिकारों को बहुत सीमित कर दिया है।
अफगानिस्तान के खिलाफ क्रिकेट का हो बहिष्कार
- गेटन मैकेंजी ने क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (सीएसए) से अफगानिस्तान के खिलाफ अपने चैंपियंस ट्रॉफी मुकाबले पर फिर से सोचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट का खेल से दुनिया भर में एक खास संदेश जाता है। हमें अफगानिस्तान की महिलाओं के अधिकारों पर हो रहे हमलों के खिलाफ खड़ा होना चाहिए।
- मैकेंजी का कहना है कि वह इस मुद्दे पर फैसला लेने के लिए आखिरी व्यक्ति नहीं हैं, लेकिन मेरा मानना है कि अफगानिस्तान के खिलाफ खेला नही जा सकता है। ऐसा करना उनकी सरकार की नीतियों का मौन समर्थन माना जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय बहिष्कार की बढ़ती आवाजें
- यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी बढ़ता जा रहा है। ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे बड़े देश भी यही मांग कर रहे हैं। ब्रिटेन के 160 से अधिक राजनेताओं ने इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) से अफगानिस्तान के खिलाफ बहिष्कार की अपील कर दी है।
- इसी तरह ऑस्ट्रेलिया ने भी अफगानिस्तान के खिलाफ अपनी द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज को स्थगित कर दिया था। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने तालिबान शासन में महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों में हो रहे उल्लंघन पर चिंता जताई थी।
क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका का बयान
क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका ने इस मामले पर कहा है कि वे आईसीसी से राय लेंगे, क्योंकि चैंपियंस ट्रॉफी एक आईसीसी प्रोग्राम है। सीएसए ने अफगानिस्तान में महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन निंदा की है। हमारा मानना है कि यह मामला आईसीसी के नियमों के तहत निपटाया जाना चाहिए।
इससे पहले इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया भी अफगानिस्तान के खिलाफ नजर आए थे। अब यह देखना बाकी है कि दक्षिण अफ्रीका इस मामले पर क्या कदम उठाएगा।



